Saturday, 7 February 2015

The lost Palanpur

पालनपुर मा थी कयां खोवाई गयुं ?
सांस्कृतिक कार्यक्रमो नी याद रूप टाउन हॉल
उत्तर गुजरात नी शान कोज़ी थिएटर
सिटी मारो त्यारे लाइट आवे तेवु सिटी लाइट
अत्तर नी सुगंधी दार दुकानों
गुरुनानक चौक नी गोळाई
रामलखन भैयाजी नी माट ला कुल्फी
स्कूल नी बहार मलता घुघरी बटाका
बुड्ढी ना बाल अने आइस प्रोट वेचता फेरिया
" धोबी मगर ने खाई गयो " वाली कठपुतली न खेल अने फानस ना प्रकाश मा थती रामलीला
मुरसद् बावा नो रात्रि मेळो
कीर्तिस्तंभ ना भव्य अने कॉलेज कंपाउंड ना यूनिफार्म वाला गरबा
मोहनभाई जोशी नु दिल्ली गेट  नु बोर्ड
अमदावाद जवा सवार नी नॉनस्टॉप बस अने रात नी भुज वाळी ट्रेन
दर एक ना खिस्सा मा रहेता हिरा ना पडिका
केवु भव्य हतु मारु पालनपुर.

-Poet Unknown
(Intimate us if you know)